जीवन का सत्य क्या हैं?

जीवन का सत्य क्या हैं?

जीवन का सत्य क्या हैं?

छत्तीसगढ के आदिवासी बाहुल्य वनांचल क्षेत्र सरगुजा से मैं तिहत्तर वर्षीय डाॅ.जे.पी. श्रीवास्तव अपने जीवन की धारा को बदलने का प्रयास कर रहा हूँ। मै सोचता हूँ जीवन क्या है? जीवन का सत्य क्या हैं? इस पर चिंतन करने का हमें समय ही नहीं मिल पाता है। मेरे मन में विचार आता है कि क्या उच्च आर्थिक सामाजिक या राजनैतिक स्थिति को प्राप्त कर लेना ही, जीवन है। या जीवन का सत्य कुछ और ही है। आर्थिक, सामाजिक और राजनैतिक शिखर पर पहुँचे लोग, क्या अपने भविष्य के प्रति में पूर्ण रुप से निश्चिंत हैं। या ये लोग अपने भविष्य को पूर्ण सुरक्षित महसूंस करते हैं। सच तो यह है, कि ये लोेग अपने भविष्य के प्रति, और अधिक संसकित रहते हैं। ये लोग बाहर से तो प्रसन्न और सहज दिखते हैं। पर इनके भीतर बहुत से अशांत ज्वालामुखी धधकते रहते हैं। तब यह चिंतन आवश्यक हो जाता है कि क्या ईश्वर ने हमें, धनवान, प्रतिष्ठावान या उच्च पदों पर पदासीन होने के लिये जन्म दिया है। या ईश्वर की हमारे प्रति कोई और अपेक्षा है। क्या इस तथ्य पर चिंतन करना आवश्यक नही है। यदि आवश्यक है तो चलिये आज और अभी से इस ओर चिंतन का शुमारंभ करते है।