आँसुओं का मूल्य

आँसुओं का मूल्य:- 

आज के युग में मनुष्य की कमाई की या उसकी उपलब्धियों का आंकलन उसके आर्थिक कद, या फिर उसकी ख्याति, उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा से ही किया जाता है, पर क्या यह आंकलन सही है। बहुत से लोगों का यह भी सोचना है, और पहले मैं, भी यही सोचा करता था कि मनुष्य के जीवन की वास्तिविक कमाई का पता इस बात से चलता है, कि उस व्यक्ति की अर्थी के पीछे कितने लोग चल रहे हैं, पर अब उम्र के पड़ाव पार करने के बाद मेरी सोच बदल गयी है। अब मुझे यह लगने लगा है कि व्यक्ति की अर्थी के पीछे चलने वाले व्यक्तियों की संख्या ही व्यक्ति के जीवन की वास्तविक कमाई नहीं है, क्योेंकि दिवगंत व्यक्ति की अर्थी के पीछे चलने वाले बहुत से लोग सामाजिक बाध्यता के कारण तथा उस दिवगंत व्यक्ति की पद प्रतिष्ठा तथा ओहदा के प्रभाव के कारण भी अर्थी के पीछे चलते हैैं।

मेरा सोचना है कि मनुष्य के जीवन की वास्तविक कमाई यह है कि उस व्यक्ति की अर्थी निकलते समय कितने लोगों के, कितनी मात्रा में आँसू गिरे। इन आँसुओं की मात्रा ही उस व्यक्ति के जीवन की वास्तविक कमाई है, क्योंकि आँसुओं का मूल्य सहज नहीं होता। आँसुओं की एक-एक बूंद में भावनाओं अनेक महासागर समाये रहते हैं।

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